मुख्य बात: भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने फ्री ट्रेड डील पर सहमति दीआज भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत पूरी होने का ऐलान किया गया है। इसे दोनों तरफ से “Mother of All Deals” कहा जा रहा है। 🚨यह डील करीब 18–20 साल की बातचीत के बाद पूरी हुई है। व्यापार का दायरा बहुत बड़ा होगा — यह समझौता लगभग 25% वैश्विक GDP और लगभग 2 अरब लोगों के बाजार को जोड़ देगा। 🚛 इसके तहत दोनों तरफ से टैरिफ यानी आयात शुल्क को हटाया या बहुत कम किया जाएगा, जिससे भारत और यूरोप के बीच व्यापार और निवेश में विस्तार होगा। क्या-क्या बदल सकता है इस डील से?टैरिफ (शुल्क) घटेंगे/खत्म होंगे🛞यूरोप 96.6% उत्पादों पर शुल्क घटाएगा या खत्म करेगा।🥇भारत भी कई वस्तुओं पर शुल्क कम करेगा — जैसे टेक्सटाइल, रत्न, इंजीनियरिंग गुड्स आदि। 🚗 कार और ऑटो सेक्टर में बदलावभारत यूरोपीय कारों पर टैरिफ को धीरे-धीरे 110% से 10% तक लाएगा, जिससे कुछ विदेशी ब्रांडों को भारत में आसान मार्केट मिलेगा। 🍷 शराब और अन्य सामान सस्ते हो सकते हैं वाइन और स्पिरिट टैक्स भी काफी घट सकता है, जिससे यूरोपीय लिकर्स महंगे नहीं रहेंगे। 📈 व्यापार में बढ़ोतरीडील के लागू होने से भारत और EU के बीच व्यापार बढ़ सकता है और दोनों देशों के उद्योगों को नया विस्तार मिलेगा। 🌍 क्यों इसे खास कहा जा रहा है?🏠 यह FTA भारत का अब तक का सबसे बड़ा ट्रेड डील माना जा रहा है। 🚛इससे न सिर्फ माल का व्यापार, बल्कि सर्विसेज़ और निवेश सहयोग भी गहरा होगा। 🚨इतिहास में काफी लंबी बातचीत के बाद यह समझौता लगभग पूरा हुआ है। 📅 अभी क्या होता है?यह समझौता आज घोषित किया गया है, लेकिन इसे कानूनी रूप से अंतिम रूप देने और लागू करने के लिए अनुमोदन की प्रक्रिया (ratification) बाकी है — जैसे यूरोपीय संसद और भारत सरकार से मंज़ूरी।
